जोधा बाई की मृत्यु कब और कैसे हुई थी?

जोधा बाई की मृत्यु कब और कैसे हुई थी?

जोधा बाई के बारे में आपने अवश्य पढ़ा या सुना होगा। जोधा बाई इतिहास की एक प्रसिद्ध और विवादित शख्सियत है। क्या आपको मालूम हैं कि जोधा बाई की मृत्यु कैसे हुई थी? अगर आप जोधा बाई की मृत्यु के बारे में जानना चाहते हैं तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं।

जोधा बाई एक राजपूत कन्या थी जिसका विवाह मुग़ल शासक अकबर से हुआ था। जोधा बाई मुग़ल शासक अकबर की प्रिय और सबसे खास पत्नी थी। अकबर के उत्तराधिकारी जहाँगीर का जन्म जोधा बाई के गर्भ से हुआ था।

जोधा बाई का जन्म 1 अक्टूबर 1542 को हुआ था। वह आमेर (जयपुर) के राजा भारमल की पुत्री थी।

6 फरवरी 1562 को जोधा बाई का विवाह अकबर के साथ हुआ था। उस समय जोधा बाई की उम्र 20 वर्ष थी। यह विवाह कोई प्रेम विवाह नहीं था। यह एक राजनैतिक समझौता था। अकबर द्वारा राजपूतों और मुग़लों के सम्बन्ध को अच्छा बनाने की यह एक पहल थी।

मुग़ल इतिहास में जोधा बाई को मरियम-उज-जमानी के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि जहाँगीर को जन्म देने के बाद जोधा बाई को अकबर ने यह नाम दिया था। विवाह के बाद जोधा का नाम बदल गया लेकिन उनका धर्म नहीं बदला। उन्हें अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ करने की स्वतंत्रता थी।

जोधा बाई की मृत्यु कब हुई थी?

जोधा बाई की मृत्यु 16 जून, 1623 को आगरा में हुई थी। जोधा बाई की मृत्यु 80 वर्ष की उम्र में हुई थी। उनकी मृत्यु अकबर की मृत्यु के 17 वर्ष बाद हुई थी।

जोधा बाई की मृत्यु कैसे हुई थी?

'जोधा बाई की मृत्यु कैसे हुई' इस पर इतिहासकारों के भिन्न-भिन्न मत हैं। कुछ इतिहासकार जोधा की मृत्यु का कारण बीमारी बताते हैं तो कुछ इतिहासकार इसके लिए अन्य कारण मानते हैं। कुछ लोगो का मानना है कि जोधा बाई की मृत्यु न तो बीमारी से और न ही किसी दुर्घटना के कारण हुई थी।

कई इतिहासकारों का मानना है कि जोधा बाई अपने बेटे सलीम के कारण दुःखी और तनावग्रस्त थीं। वह अपने बेटे सलीम के कुकर्मों और अत्याचारों से परेशान थी। जब जोधा के बेटे सलीम यानि जहाँगीर ने अपने पिता अकबर से बगावत कर दी थी तब से ही जोधा सदमे में चली गई थी। अकबर की मृत्यु के बाद वह मानसिक रूप से बीमार रहने लगी थी। 

अपने बेटे सलीम के व्यवहार के कारण जोधा बाई सदमे में थी। सदमे के कारण जोधा को दिल का दौरा पड़ा और 16 जून 1623 को आगरा में उनकी मृत्यु हो गई।

जोधा की मृत्यु के बाद उनके शव को बेटे सलीम द्वारा अकबर की कब्र के पास दफना दिया गया। जोधा बाई की यह ईच्छा थी कि उनके शव को अकबर के कब्र के नजदीक दफनाई जाएं। जोधा बाई का मकबरा सिकंदरा में जहांगीर द्वारा बनवाया गया था जो अकबर के मकबरे के नजदीक हैं।

जोधा बाई की मृत्यु का एक कारण बेटे सलीम का व्यवहार था। कई इतिहासकारों का मानना रहा है कि जोधा अपने पुत्र सलीम से बहुत प्रेम करती थी।

ऐतिहासिक रुप से जोधा बाई के स्थान पर कई अन्य नाम जैसे हरका बाई, हीर कुँवर, हीर कुँवारी प्रचलित हैं। लेकिन आम लोगो के बीच जोधा नाम ज्यादा प्रचलित है। अकबर और जोधा की प्रेम कहानियाँ हम सबने सुनी है लेकिन इसका कोई ठोस ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

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